Episodes
-
सुनो, यह वो बातें है जो तुमको सिर्फ़ सुननी नहीं बल्कि समझनी भी पड़ेगी।
-
यह कुछ मुश्किलें है जो साँसों से जुड़ी है।
-
Episodes manquant?
-
सुनो , मैं जाने का कहकर रोकना भी तो चाह सकती हूँ न।
-
तुम को चुना है, दुनियां देखकर। दोस्त याद रखना।
-
सुनो, कुछ भी फ्री नहीं आता। क़ीमत चुकानी पड़ती है।
-
कुछ टुकड़े मिले है। समेत लो जो बिखरे है।
-
सुनो याद है वो सारी बातें, जो करते थे हम तुम बारिश में।
-
तुम नहीं समझोगे ,तुम तो दुनियां हो। रुख़्सती की बात बहुत रूहानी है।
-
हमेशा भीड़ ग़लत नहीं होती। यह ज़रूरी भी होती है।
-
सुनो, कुछ कहना है। ज़िंदगी की क्या यह कशमकश तुमको भी महसूस होती है।
-
I’m Manisha sri and this is my first Anchor
episode! Send me a voice message to let me
know your thoughts about my podcast.