Episoder
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इस एपिसोड में प्राकृतिक मनुष्य, शारीरिक मनुष्य, और आध्यात्मिक मनुष्य के बारे में जानें।
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मनुष्य पर भरोसा रखने और प्रभु की शरण लेने के ऊपर तुलना।
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Mangler du episoder?
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ऐसे लोग हैं जिन्हें देवीसिंह वितरण द्वारा देने की क्षमता दी गई है । फिर ऐसे लोग भी हैं जो इस अनुग्रह या देने की क्षमता में विकसित होना सीख सकते हैं ।
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जीवन के लिए ४जी की आवश्यकताओं के बारे में यह एपिसोड है।
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विवाह होने के बाद जोड़ी एक नए परिवार बन जाता हैं। परिवार एक टोली के समान है। परिवार सही ढंग से रहना महत्व है। आज का एपिसोड, (परिवार) के ऊपर कुछ बातें हैं जिसे आप सुनना चाहिए।
मुझसे ईमेल लिखने के लिए - [email protected] पर ईमेल भेज दीजिए। धन्यवाद। -
विवाह का अभिप्राय प्रसन्नता था, क्योंकि यह निष्पाप अदन का अवशेष है। जिसने स्त्री ब्याह ली, उसने उत्तम पदार्थ पाया, और याहवे परमेश्वर का अनुग्रह उस पर हुआ है। विवाह की नियुक्ति प्रभु ने जाति के प्रजनन, परिवारों की स्थापना, और बच्चों की उत्पत्ति के लिए किया ताकि वहा आनन्द का साम्राज्य स्थापित हो। विवाह सबसे प्राचीन मानव प्रथा है।
हम एक निम्न नैतिक स्तर के युग में रहते हैं, जहां विवाह की प्रतिज्ञाएं सरलता से तोड़ दी जाती हैं और तलाक को साधारण बात माना जाता है। परमेश्वर के नियम और स्तर कभी नहीं बदलते।
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जब मैंने मसीह का अनुसरण करना शुरू किया, तो मैं विश्वासियों के एक समूह का हिस्सा बन गया जो प्रभु के भजन गाना पसंद करता था। हमने अपने दिल को बाहर गाया । मुझे अपने शब्दों में प्रभु की प्रशंसा व्यक्त करना सीखना था। यह आसान नहीं आया, लेकिन आत्मा ने मुझे सिखाया । क्या आप सीखना चाहता है?
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प्रेम सर्वोच्च है। प्रेम कभी टलता नहीं। इस साल प्रेम में बढ़ने के लिए कुछ कदम उठा लीजिए। प्रेम शाश्वत है। यह परमावश्यक है।
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इस एपिसोड पास्टर पर इसलिए लाया हूं क्योंकि मैंने बुरा अनुभव पाया।
पास्टर के व्यक्तिगत जीवन का प्रमुख महत्व होता है क्योंकि लोग इतवार को उसके उपदेश को सुनते हैं और देखते रहते हैं कि पुरे सप्ताह ये किस प्रकार पूरे किए जाते हैं। पास्टर को धर्मपरायण - धर्मी, पवित्र जन होना चाहिए जो प्रभु येशु मसीह को अपने जीवन द्वारा प्रकट करता हो।
अविश्वासी सदा ही एक सेवक या पास्टर से लगभग सिद्ध होने की अपेक्षा रखता है। पास्टर प्रार्थना का जीवन व्यतीत करने वाला मनुष्य होना चाहिए। प्रतिदिन उसे प्रार्थना में पर्याप्त समय, यहां तक कि कई घंटों का समय व्यतीत करने की है।
पास्टर को अपने लिए पवित्रता-प्राप्ति के लिए प्रार्थना करने की आवश्यकता होती है। उसे प्रभु की उपस्थिति में लम्बे समय तक रहना चाहिए जब तक उसका मैल प्रकट किया जा कर हटा नहीं दिया जाता। यदि यह सम्भव हो तो प्रत्येक पास्टर को झुण्ड के लिए, एक एक व्यक्ति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।
पास्टर पर ब्लॉग पढ़ने के लिए इस वेबसाइट पर जाइए।
दान देने के लिए - इस लिंक पर क्लिक कर दीजिए। यदि आप भारत में रहते है तो आप UPI से दे सकते है। UPI से देने के लिए 9172324377@upi का उपयोग कीजिए।
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चर्च के सदस्य का स्थान और कार्य पर बात लाया हूँ। मैं आशा रखता हूँ कि यह आप को प्रेरित करेंगे।
आधुनिक कलीसियाओं की असफलताओं का एक कारण यह है कि वे एक ही व्यक्ति के कार्यस्थल बन गए हैं। सुसमाचार प्रचार करने, उपदेश, शिक्षा, मिलने के लिए जाना सभी कुछ पास्टर के ज़िम्मे पर छोड़ देता है। यह परमेश्वर का आदेश कभी नहीं रहा है। प्रभु का बयान सदा से यह रही है कि प्रत्येक उसका साक्षी हो।
आज का एपिसोड सुनने के लिए धन्यवाद। मैं ने इन सभी बातों के अनुसार कर चुका हूँ, और आप भी कीजिए। इस सेवकाई का समर्थन कीजिए आप का प्रार्थना और दान द्वारा। दान देने के लिए लिन्क पर क्लिक कर दीजिए (क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से देने के लिए है)।
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पिछले हफ्ते मैं चर्च के बारे में बात की थी । इस सप्ताह, मैं आपके पास चर्च अनुशासन लाया हूँ।
अनुशासन का अर्थ है दण्ड के रूप में सुधारने वाले कदम उठाना, जिससे कि कलीसिया के सदस्य अच्छा आचरण बनाए रखें।
प्रेरित पौलुस यह अपेक्षा रखता था कि मसीही, कलीसिया की अदालतों का प्रयोग करे, सरकारी अदालतो का नहीं। कलीसियाई अनुशासन मौसम के समान होता है। हम मौसम पर बहुत अधिक बातचीत करते है पर उसके विषय में कभी-कभार ही कुछ करते हैं। वर्तमान कलीसियाओं में ऐसे अनुशासन को बहुधा व्यावहारिक रूप नहीं दिया जाता है। क्यों? क्या इसका कारण यह है कि हम दुर्बल और ठंडे हो गए हैं और अपने सिद्धान्तों के अनुसार कार्य करने से डरते हैं? क्या ऐसा इसलिए है कि हम सब ने सिद्धता प्राप्त कर ली है और अब हमें इसकी आवश्वयकता नहीं रही? क्या इसका कारण यह है कि यदि ऐसा किया जाता है तो कलीसिया के सदस्य कम हो जाएंगे?
वेबसाइट पर भी सामग्री है
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चर्च और कलीसिया इन दो शब्दों के बारे में लोगों के मन में कुछ ग़लतफ़हमी है जो मैं इस एपिसोड के द्वारा सुधारने के लिए कोशिश कर रहा हूँ । सही विश्वास रखने का अर्थ है आपकी प्रगति। अब मैं चर्च नहीं जाता हूँ, क्योंकि चर्च का एक जीवित पत्थर मैं हूँ और जमा होना ज़रूरी है ताकि प्रभु हमारे बीच में उपस्थित होंगे। चर्च उनका देह है, उनका मन्दिर है। चर्च का संस्थापक येशु मसीह है। चर्च का सिर भी येशु है, पोप नहीं।
वेबसाइट पर भी भेंट दीजिए। मेरे यूट्यूब चैनल पर विडियो देख सकते है।
अंग्रेज़ी में भी पोडकास्ट सुन सकता है (Hubhopper.com) ।
एपिसोड के बारे में बताने के लिए मुझे ईमेल लिख दीजिए। या ध्वनी संदेश भी भेज सकते है...
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हमारी सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र येशु मसीह के साथ है। सहभागी होने की अर्थ क्या है? इस एपिसोड में मसीही संगति और सहभागिता पर स्पष्टिकरण सुनिए। संगति एक निष्क्रिय चीज़ नहीं है। केवल सभा में उपस्थित होना नहीं है। तो क्या करने की आवश्यकता है?
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मसीह ने हमें एक संस्कार दिए हैं जो उनके लिए और हमारे लिए महत्व हैं। इसका समझ मिलना और पालन करना हमारे लिए लाभदायक है, इसलिए इस एपिसोड-विडियो में इस बात को लेकर आय़ा हूं ताकि आप के मन में कुछ गलतफहमी ना रहें।
प्रभु भोज एक ऐसा संस्कार है जिसको स्वयं यीशु ने स्थापित किया। येशु ने अपने शिष्यों के साथ केवल एक बार इसका आयोजन किया। इस प्रथम भोज की कथा सुसमाचारों में पाई जाती है।
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आराधना सिर्फ धीमी गति गीत नहीं है। इस एपिसोड सुनने से आप इस महत्वपूर्ण विषय पर ज्ञान प्राप्त कर दोगे।
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बहुधा मसीहियों को कठोर और अग्निमन परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है। कुछ शारीरिक कष्ट से पीड़ित होते हैं, दूसरे मानसिक रूप में, कुछ आर्थिक रूप में और दूसरे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में शैतान के आक्रमणों से पीड़ित रहते हैं। बहुत से मसीही परमेश्वर को पुकार रहे हैं, क्यों?
इस प्रश्न को मिटाने के लिए इस एपिसोड के द्वारा पा सकते है....
कृपया हमें लिख दीजिए इस पता पर [email protected]
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आज का एपिसोड एक गम्भीर विषय पर है। क्या आप ने विश्वास करना छोड़ दिया है, या प्रभु के पीछे चलने को छोड़ दिया है? यह उदास की बात है। मुझे पता नहीं है, कि कारण क्या था, परन्तु बिना कारण से कुछ नहीं हुआ है। कल उज्वल है परन्तु इस बात को आप देख नहीं सका। आज का एपिसोड से कदाचित मन परिवर्तित होगा...
मुझे इ-मेल भेज ने के लिए : [email protected] या ध्वनि संदेश भी भेज सकता है।
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कितने अन्धे लोगों को दृष्टि मिला है और कितने नज़रअन्दाज़ करते हैं मुझे पता नहीं है, परन्तु गलतफह्मी से सही समझ तक पहुंचना हर एक का जिम्मेदारी है। मेटामॉर्फ का, आज का एपिसोड का कोशिष एक ऐसा गलतफह्मी को दूर करना का है। पृथक्करण पर सही समझ पाना ज़रूरी है। मैं आशा रखती हूं कि आज का एपिसोड को आप पसंद करेंगे।
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कोई हारना नहीं चाहता है। परन्तु सच यह है कि हार होती है। आज विजयी होने के बारे में जानकारी प्राप्त करें। दान 9172324377@upi पर भेज दीजिए।
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प्रार्थना करना एक निष्फल कार्य नहीं है। यदि वह प्रभु की इच्छा के अनुसार है तो उसका जवाब मिलना चाहिए। प्रभु की शब्दों में, "प्रतीति कर की मिल गया और तुम्हारे लिए हो जाएगा।" मिलने के बाद फिर से मांगना व्यर्थ है। दान 9172324377@upi के द्वारा करें।
- Se mer