Episodes
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भारत सरकार ने UAPA के तहत 23 आतंकियों को आतंकवादी घोषित किया है. लेकिन ये सिर्फ़ नामों की एक लिस्ट नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ सक्रिय पूरे आतंकी नेटवर्क की कहानी है. ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में जानिए आखिर सरकार ने अभी ये कदम क्यों उठाया? कौन हैं ये 23 चेहरे, जिनमें पाकिस्तान में बैठे आतंकी, भारत से भागे मॉड्यूल हैंडलर और सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथ फैलाने वाले लोग शामिल हैं. इस पॉडकास्ट में राम मंदिर और RSS मुख्यालय की रेकी, Lashkar-e-Taiba, Jaish-e-Mohammed, ISIS मॉड्यूल, Terror Funding और Pakistan Terror Network जैसे कई अहम पहलुओं को आसान भाषा में समझाया गया है. अगर आप राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद को गहराई से समझना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें.
Host - Arvind Ojha
Sound - Suraj Singh -
क्राइम ब्रांच के इस खास एपिसोड में हमारे मेहमान हैं देश के जाने-माने फ़ॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. तीरथ दास डोगरा. AIIMS दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर रह चुके डॉ. डोगरा ने अपने 40 साल से ज़्यादा लंबे करियर में भारत के कई चर्चित मामलों की जांच की. इस बातचीत में उन्होंने इंदिरा गांधी का पोस्टमार्टम, आरुषि तलवार मर्डर केस, निठारी कांड, बाटला हाउस एनकाउंटर और गोधरा कांड जैसे मामलों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि किसी क्राइम सीन पर पहुंचते ही फ़ॉरेंसिक एक्सपर्ट सबसे पहले क्या देखते हैं, एक चोट से क्या-क्या पता चल सकता है, अपराधी के तरीके से उसकी मानसिक स्थिति का अंदाज़ा कैसे लगाया जाता है और कई बार फॉरेंसिक रिपोर्ट पर किस तरह का दबाव बनाया जाता है? अगर आप जानना चाहते हैं कि बड़े-बड़े क्राइम केस में सच सामने लाने में फ़ॉरेंसिक साइंस की क्या भूमिका होती है और अपराध की गुत्थियां आखिर कैसे सुलझती हैं, तो ये एपिसोड ज़रूर देखिए.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Aman Pal -
Missing episodes?
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कई लड़कियों की ज़िंदगी का रास्ता उनके पैदा होते ही तय कर दिया जाता है - कितनी पढ़ाई होगी, शादी कब होगी और ज़िंदगी कैसे गुज़रेगी. लेकिन कुछ लोग अपनी किस्मत खुद लिखते हैं. ऐसी ही एक शख्सियत हैं 1976 बैच की बिहार की पहली महिला IPS अधिकारी मंजरी जारुहार. 'Crime Branch' के इस खास एपिसोड में मंजरी जारुहार ने अपने असाधारण पुलिस करियर की कई अनसुनी कहानियां साझा कीं. उन्होंने बताया कि कैसे एक महिला होने की वजह से उन्हें शुरुआती दिनों में भेदभाव का सामना करना पड़ा, कैसे उन्होंने बिहार के चर्चित बस डकैती केस को सुलझाया और कैसे वो भागलपुर अंखफोड़वा कांड की जांच टीम का हिस्सा बनीं. इस बातचीत में उन्होंने 1984 के सिख दंगों के दौरान बोकारो में अपने अनुभव, लालू यादव के साथ हुई मुलाकात और बिहार के तथाकथित 'जंगलराज' के बारे में भी खुलकर बात की. ये सिर्फ़ एक पूर्व IPS अधिकारी का इंटरव्यू नहीं बल्कि साहस, ईमानदारी, और बदलाव की एक प्रेरणादायक कहानी है. इसलिए पूरे एपिसोड का आनंद लीजिए.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Aman Pal -
'क्राइम ब्रांच' के इस एपिसोड में हमारे साथ हैं आशु मलिक - पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की नहरों से शव निकालने वाले मशहूर गोताखोर, जिनकी पहचान बीते 33 सालों के अनथक काम से बनी है. पिछले तीन दशकों में आशु मलिक और उनकी टीम 73,000 से ज़्यादा शव नहरों और नदियों से बाहर निकाल चुकी है, वो भी बिना किसी सरकारी मदद या फंडिंग के. आज की बातचीत इसी अनसुने काम पर केंद्रित है, जिसमें नहरों के नीचे दफन भारत के एक छिपे हुए सच की कहानी सामने आती है. इस दौरान चर्चा हुई कि कैसे महज 12 साल की उम्र में आशु मलिक ने अपनी पहली जान बचाई, कैसे नहरें आज क्राइम छुपाने का सबसे आसान ज़रिया बन गई हैं और कैसे एक शव पंजाब से बहकर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली तक पहुंच जाता है. और आखिर में जानेंगे उस सिस्टम की हकीकत जिसमें न कोई सरकारी हेल्पलाइन है, न लापता लोगों के लिए कोई एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड, और जहां गरीब के शव का अक्सर कोई वारिस नहीं होता. ये बातचीत आपको नहरों के नीचे की उस दुनिया तक ले जाएगी, जिसके बारे में अक्सर सुना तो जाता है, लेकिन समझा कम जाता है. आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti -
शामली धर्मांतरण केस, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाज में बड़ी बहस छेड़ दी है. आयुष मलिक कैसे मोहम्मद अली बने? क्या ये प्रेम विवाह और व्यक्तिगत आस्था का मामला है, या फिर इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की कहानी छिपी है? धर्म परिवर्तन के बाद आयुष ने दोबारा हिंदू धर्म में लौटने से इनकार क्यों किया? इस पूरे मामले में चांदनी कुरैशी, उनके परिवार और पुलिस जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया? ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में हम तथ्यों के आधार पर समझेंगे कि आयुष मलिक से मोहम्मद अली बनने तक की पूरी कहानी क्या है, धर्मांतरण को लेकर दोनों पक्षों के दावे क्या हैं, और आखिर ये मामला इतना विवादित क्यों बन गया. अगर आप इस बहुचर्चित केस की पूरी पृष्ठभूमि और अब तक के सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रम जानना चाहते हैं, तो ये वीडियो अंत तक जरूर देखें.
Host - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti -
क्या पुरुषों के साथ होने वाले अन्याय पर देश में पर्याप्त चर्चा होती है? क्या कानून और व्यवस्था महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ पुरुषों की समस्याओं को भी समान गंभीरता से देखती है? या फिर ये सिर्फ़ एक धारणा है? Crime Branch के इस ख़ास एपिसोड में अरविंद ओझा से बातचीत कर रही हैं Men's Rights Activist बरखा त्रिहान. बातचीत में उन्होंने पुरुष आत्महत्याओं, कथित फ़र्ज़ी मामलों, पुरुष आयोग की मांग, अतुल सुभाष, अमन शर्मा, मोहम्मद शमी, विष्णु तिवारी, निक्की भाटी और कई चर्चित मामलों पर अपनी राय रखी. इस पॉडकास्ट में आपको महिलाओं और पुरुषों के अधिकार, मीडिया ट्रायल और जेंडर आधारित कानूनों पर एक तीखी और बेबाक बातचीत देखने को मिलेगी. ये चर्चा आपको सोचने पर ज़रूर मजबूर करेगी.
Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार अतिथि के निजी हैं. आज तक रेडियो इन विचारों का समर्थन नहीं करता.
Host - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti -
हमज़ा बुरहान, वो शख्स जिसे 2019 पुलवामा हमले का एक कथित मास्टरमाइंड माना जाता था. उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार. ये घटना भी वही स्क्रिप्ट फॉलो करती है जो पाकिस्तान में कई बार सुनने को मिली. फ़िल्म 'धुरंधर' में भी यही कहानी दिखाई गई. लेकिन सवाल है, उसे वाकई किसी "धुरंधर" ने मारा? पाकिस्तान उसे क्यों बचाना चाहता था? उसकी मौत का सच क्यों छिपाया गया? और उसके जनाज़े ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क पर नए सवाल क्यों खड़े कर दिए? 'क्राइम ब्रांच' के इस एपिसोड में जानिए इस हत्या की कहानी, जिसने आतंकी नेटवर्क में भी हलचल पैदा कर दी है.
Producer - Maaz Siddiqui
Narrator - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti -
अपराध की दुनिया में एक ऐसा नाम, जिसने सालों तक पुलिस को उलझाए रखा - शंकरिया कनपटीमार. 18 महीनों में 70 हत्याएं करने वाला सीरियल किलर. मारने का तरीका हर बार इतना ख़ौफ़नाक कि लोगों ने उसे कनपटीमार का नाम दे दिया. लेकिन आखिर ये शख्स था कौन? ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में मेहमान हैं राकेश गोस्वामी, पूर्व पत्रकार, प्रोफ़ेसर और लेखक, जिन्होंने अपनी किताब India’s Most Dangerous Serial Killer में शंकरिया कनपटीमार की पूरी कहानी दर्ज की है. इस बातचीत में जानिए कि शंकरिया क्या जानबूझकर साधुओं को निशाना बना रहा था? और क्यों पुलिस उसे पहले पकड़ नहीं पाई? साथ ही जानिए कि कैसे एक सुराग, पैर के निशान और महीनों की मेहनत ने आखिरकार पुलिस को शंकरिया तक पहुंचाया. इस एपिसोड में सुनिए भारत के सबसे ख़तरनाक सीरियल किलर्स की कहानी - एक ऐसा केस, जिसने अपराध, राजनीति और पुलिस जांच तीनों पर बड़े सवाल खड़े किए.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Suraj Singh -
पहलगाम हमला - वो आतंकी हमला जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया... कुछ मिनटों की गोलीबारी और 26 निर्दोष लोगों की मौत. लेकिन सवाल आज भी वही है, इस हमले के पीछे कौन था? हमला करने वाले तीन आतंकी तो Operation Mahadev में मारे गए, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अब भी आज़ाद है? 'क्राइम ब्रांच के इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे पहलगाम हमले की पूरी कहानी. कैसे Lashkar-e-Taiba और उसके फ्रंट संगठन TRF ने इस हमले की साजिश रची? कौन है साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ़ 'लंगड़ा', जिसे जांच एजेंसियां इस पूरे हमले का मास्टरमाइंड मानती हैं? और आखिर कैसे NIA की जांच पाकिस्तान से जुड़ी? क्या वजह थी कि आतंकियों ने बैसरन पार्क जैसा सुनसान इलाका चुना? इस वीडियो में जानिए NIA Investigation के वो बड़े खुलासे, जो आपको चौंका कर रख देंगे.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti -
तिहाड़ जेल - एशिया की सबसे बड़ी जेल लेकिन इसकी ऊंची दीवारों के पीछे क्या चलता है? ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में मेहमान हैं अजय भाटिया, जिन्होंने तिहाड़ जेल में ASP के तौर पर 34 सालों तक काम किया. 1991 में पुलिस सेवा जॉइन करने वाले अजय भाटिया उन चुनिंदा अफ़सरों में रहे, जिन्होंने जेल के अंदर की दुनिया को बहुत करीब से देखा. इस बातचीत में खुलकर चर्चा होती है तिहाड़ के अंदर मौजूद करप्शन की. कैसे कैदी मोबाइल, पैसे और यहां तक कि हथियार तक जेल के अंदर ले जाते हैं? साथ ही बात होती है उन नामचीन कैदियों की भी, जिन्हें लेकर हमेशा सवाल उठते रहे - लॉरेंस बिश्नोई, मुन्ना बजरंगी और सुकेश चंद्रशेखर. अजय भाटिया ने बताया कि कैसे कभी उनके पीछे एक गैंगस्टर लगा दिया गया, क्यों उन्हें धमकियां मिलीं और भ्रष्टाचार सिस्टम के चलते उन्हें क्या-क्या भुगतना पड़ा? इस पॉडकास्ट में सुनिए तिहाड़ जेल की वो सच्चाई, जो अक्सर बाहर नहीं आ पाती.
Producer - Maaz Siddiqui
Host - Arvind Ojha
Sound - Aman Pal & Rohan Bharti -
‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में बातचीत एक ऐसे पुलिस अफ़सर से है, जिनके नाम के साथ उत्तर प्रदेश की नई पुलिसिंग की पूरी बहस जुड़ी रही है. उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रशांत कुमार, जिनके कार्यकाल को लेकर अक्सर कहा जाता है कि उन्होंने एक नया “पुलिसिंग मॉडल” खड़ा किया - जहां एनकाउंटर लगातार चर्चा में रहे. इस बातचीत में “Operation Langda” पर विस्तार से बात हुई. साथ ही फ़िल्म ‘Dhurandhar’ और ‘Dhurandhar 2’ में दिखाए गए किरदार और घटनाएं हकीकत के कितने करीब हैं, खासकर अतीक़ अहमद से जुड़े दावों पर. इसके अलावा मुख़्तार अंसारी की मौत और विकास दुबे एनकाउंटर को लेकर भी खुलकर सवाल-जवाब हुए. बातचीत में हाथरस केस और महाकुंभ भगदड़ जैसे विवादित मामलों पर भी प्रशांत कुमार से सीधे सवाल किए गए. सुनिए पूरा एपिसोड अरविंद ओझा के साथ.
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती -
‘क्राइम ब्रांच’ के इस ख़ास एपिसोड में हमारे साथ हैं नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानि NIA के पूर्व चीफ़ योगेश चंद्र मोदी. एक सीनियर IPS अधिकारी जिन्होंने अपनी सेवाएं CBI और R&AW में भी दीं. वाईसी मोदी के ही कार्यकाल में पुलवामा अटैक हुआ था. इसके अलावा उन्होंने कई हाई-प्रोफ़ाइल मामले भी सॉल्व किए. इस एपिसोड में उन्होंने बताया कि पुलवामा अटैक हुआ कैसे और NIA इसकी तह तक कैसे पहुंची. साथ ही उन्होंने कश्मीर के टेरर फ़ंडिंग और गुजरात दंगों से जुड़ी अपनी जांच के बारे में भी बताया. आखिर में वाईसी मोदी ने हरेन पांड्या और शीना बोरा मर्डर केस की कहानियां भी बताईं. ये एपिसोड सिर्फ़ एक घटना का ब्योरा नहीं, बल्कि आतंकवाद, क्राइम और जांच बीच की पूरी कहानी है - सीधे उस शख्स की ज़ुबानी जिसने इसे करीब से देखा और सुलझाया. सुनिए पूरा एपिसोड अरविंद ओझा के साथ.
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
क्राइम की दुनिया में औरतों की एंट्री कम हुई है. लेकिन जब भी होती है, एक ऐसी कहानी छोड़ जाती है जिसे भूलना आसान नहीं होता. आज ‘क्राइम ब्रांच’ में मेहमान हैं कुलप्रीत यादव. 23 साल तक भारतीय नेवी में सेवा देने के बाद वो नेवल कमांडेंट के तौर पर रिटायर हुए. इसके अलावा वो एक जाने-माने लेखक और एक्टर भी हैं. इस एपिसोड में बातचीत उनकी चर्चित किताब Queens of Crime पर हुई. ये किताब उन आम औरतों की कहानियां बताती है, जो हालात या फ़ैसलों की वजह से अपराध की दुनिया में पहुंच गईं. जानिए इस पॉडकास्ट में कि मुंबई की ड्रग क्वीन ने अपना साम्राज्य कैसे खड़ा किया? एक मां और उसकी दो बेटियों की चेन स्नैचिंग गैंग कैसे ‘बेबी किलर्स’ में बदल गई? एक टिंडर मर्डर केस जिसका तरीका ही सिहराने वाला है और साइनाइड मल्लिका की खौफ़नाक कहानी. 'क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में सुनिए ऐसी कहानियां, जो आम धारणाओं को तोड़ती हैं और दिखाती हैं कि जुर्म का चेहरा कई बार हमारी सोच से बिल्कुल अलग होता है.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
9 जून 2024… एक तरफ़ नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, दूसरी तरफ़ जम्मू-कश्मीर के रियासी में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकी हमला हो जाता है. इतने अहम दिन पर हुआ ये हमला महज़ संयोग तो नहीं था, बल्कि सोचा-समझा मैसेज था. लेकिन एक साल बाद ही इस हमले के मास्टरमाइंड अबु क़ताल, जो पाकिस्तान में सुरक्षित बैठा था, रहस्यमय तरीके से मारा जाता है. कुछ ‘Unknown Gunmen’ आते हैं, हमला करते हैं और बिना कोई सुराग छोड़े गायब हो जाते हैं. यही पैटर्न बार-बार सामने आता है. चाहे वो आमिर सरफ़राज़ तांबा हो, जिसने सरबजीत सिंह की हत्या की या फिर हंज़ला अदनान, जो हाफ़िज़ सईद का करीबी था. हर बार कहानी एक जैसी है - सटीक हमला, कोई क्लेम नहीं, और हमलावर गायब. तो सवाल ये है कि क्या ये कोई सीक्रेट ऑपरेशन है जो बिना नाम के चल रहा है? क्या हाल ही में आई फ़िल्म ‘धुरंधर’ की तरह कोई धुरंधर सच में तो पाकिस्तान में नहीं है? इस एपिसोड में अरविंद ओझा आपको ऐसी 4 सच्ची कहानियों के ज़रिए इसी गुत्थी को समझाने की कोशिश करेंगे.
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धुरंधर और धुरंधर 2 के बाद कई किरदार नामी गिरामी हो गए. उनमें से एक प्रमुख शख्सियत है पाकिस्तान के SP चौधरी असलम. लेकिन उनकी फ़िल्म में दिखी कहानी और असली ज़िंदगी के बीच कितना फ़र्क है? ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में हमारी मेहमान हैं चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम. जानिए इस एपिसोड में कि कैसे एक आम इंसान पुलिस अफ़सर बना? ‘चौधरी’ नाम उनके साथ कैसे जुड़ा? और एक पुलिसवाले की ज़िंदगी के साथ परिवार को किन समझौतों से गुज़रना पड़ता है? इस बातचीत में खुलकर बात होती है उनके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बनने की, उन पर लगे आरोपों की, और उन ऑपरेशनों की जिनकी वजह से वो हमेशा सुर्खियों में रहे. ऑपरेशन ल्यारी से लेकर रहमान डकैत के एनकाउंटर तक, क्या ये सब वैसा ही था जैसा बताया गया, या कहानी कुछ और थी? साथ ही, TTP से उनकी दुश्मनी कैसे शुरू हुई और क्यों वो उनके निशाने पर आ गए? आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
धुरंधर 2 की लहर के बीच एक नाम फिर सुर्खियों में है - अतीक़ अहमद. और इसी नाम की कहानी हमें ले जाती है दिल्ली पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर विनय त्यागी तक. ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विनय त्यागी, जिन्होंने 1995 में पुलिस फ़ोर्स जॉइन की. दिल्ली पुलिस में रहते हुए वो करीब 8 साल तक स्पेशल सेल में तैनात रहे. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि राजू पाल मर्डर केस के बाद अतीक़ अहमद को कैसे गिरफ़्तार किया गया. जब वो पुलिस कस्टडी में था, तब उसका व्यवहार कैसा था और उसने क्या खुलासे किए. इसके अलावा उन्होंने अपने कई हाई प्रोफ़ाइल मामलों के बारे में भी बात की. इनमें कार्टूनिस्ट इरफ़ान हुसैन का मर्डर केस भी शामिल है, जिसकी जांच उन्होंने करीब से की. आनंद लीजिए पूरा एपिसोड अरविंद ओझा के साथ.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती -
धुरंधर 2 आ चुकी है… और इसके साथ ही कहानी भी अब पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक हो गई है. फ़िल्म के आते ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर इससे जुड़ी ख़बरें आग की तरह फैल रही हैं. वहीं दूसरी तरफ़ फ़िल्म के कई कैरेक्टर्स लोगों को और
इस वीडियो में हम बात करेंगे पर्दे के पीछे की कहानी पर. C-814 हाईजैकिंग से लेकर ज़हूर मिस्त्री की रहस्यमयी हत्या तक - इस कहानी में और क्या छिपा है?
हम आपको बताएंगे:
• ज़हूर मिस्त्री उर्फ़ ज़ाहिद अखुंड की पूरी कहानी
• उज़ैर बलोच का अरशद पप्पू से बदला
• अतीक अहमद और अशरफ के कथित ISI कनेक्शन पर बड़ा खुलासा
• और वो सबसे बड़ा सवाल - “बड़े साहब” आखिर हैं कौन और कहां हैं?
पूरा वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें, अरविंद ओझा के साथ. -
‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में मेहमान हैं जुपिंदरजीत सिंह - पंजाब के जाने-माने खोजी पत्रकार और लेखक, जिनकी पहचान खास तौर पर क्राइम रिपोर्टिंग के लिए है. जुपिंदरजीत सिंह की किताब “Who Killed Moose Wala?” ने पंजाब के सबसे चर्चित केस को एक नए नज़रिये से समझने की कोशिश की थी. अब उनकी नई किताब “Gangs of Punjab” एक बार फिर सुर्खियों में है. आज की बातचीत इसी पर केंद्रित है, जिसमें पंजाब के 10 नामचीन गैंगस्टरों की कहानी सामने आती है. इस दौरान चर्चा हुई कि लॉरेंस बिश्नोई कैसे पंजाब का सबसे बड़ा गैंगस्टर बना, उसने अपनी डायरी में क्या खुलासे किए और पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क की जड़ें पूर्वांचल माफ़िया तक कैसे पहुंचीं? साथ ही उन्होंने बताया कि डिप्पी चंदभान से लेकर रॉकी फाज़िल्का तक, किन लोगों ने पंजाब के इस अंडरवर्ल्ड की नींव रखी और कैसे ये अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल गया? और आखिर में जानेंगे पंजाब गैंग वॉर के राज़ और सिद्धू मूसेवाला केस की पूरी कुंडली. ये बातचीत आपको पंजाब के अंडरवर्ल्ड की उन परतों तक ले जाएगी, जिनके बारे में अक्सर सुना तो जाता है, लेकिन समझा कम जाता है. आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल -
फिल्मों में आपने अक्सर देखा होगा - किसी ऊंची इमारत की छत पर, किसी वीरान पहाड़ी पर या बर्फ़ से ढकी चोटी के बीच लेटा एक सैनिक. हवा की हल्की सरसराहट, सांसें लगभग थमी हुईं, और आँखें दूरबीन के लेंस में गड़ी हुईं. हाथ में राइफ़ल और सामने कई सौ मीटर दूर एक छोटा सा टारगेट. एक स्नाइपर, जंग का वो सिपाही जो अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन जिसका एक निशाना पूरी लड़ाई का रुख बदल सकता है. ऐसे ही एक “इनविज़िबल वॉरियर” हैं हवलदार नंद किशोर, जो Indian Army की एलीट यूनिट 21 Para (Special Forces) के स्नाइपर रहे. ‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड में वो बताते हैं कि किसी युद्ध या ऑपरेशन में एक स्नाइपर की असली अहमियत क्या होती है? साथ ही ये भी जानेंगे कि जम्मू कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट में चलने वाले काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में स्नाइपर की क्या भूमिका होती है? आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती -
‘क्राइम ब्रांच’ के इस एपिसोड ने एक अलग राह पकड़ी है. इस बार बातचीत भारतीय सेना के जांबाज़ अफ़सर, मेजर जनरल राजपाल पुनिया से हुई. 35 से ज़्यादा सालों की सेवा के बाद मेजर जनरल पुनिया को 2002 में युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया. उनके मिलिट्री करियर की हाईलाइट रही है - United Nations Peacekeeping Mission के तहत 2000 में पश्चिम अफ़्रीका के सिएरा लियोन में तैनात रहना. इस दौरान ‘Operation Khukri’ को अंजाम दिया गया, जो संचालित संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन की सबसे साहसिक कार्रवाइयों में से एक है. ये उन 233 भारतीय सैनिकों की कहानी है, जो तीन महीनों से अधिक समय तक बिना किसी आपूर्ति के, Revolutionary United Front (RUF) के विद्रोहियों से घिरे रहे. मेजर जनरल पुनिया की उपलब्धियों में एक बेहद चर्चित अध्याय है, सिरसा के डेरा सच्चा सौदा कॉम्प्लेक्स को शांतिपूर्ण तरीके से खाली कराना. इसके अलावा सेवा के दौरान उन्होंने LoC और LAC जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी कमान संभाली. अरविंद ओझा के साथ सुनिए पूरी बातचीत.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह - Show more