Episodes
-
आजादी का अमृतमहोत्सव कविता
-
Missing episodes?
-
Guru is the living Shiva.He introduces the real Shiv in ourselves.Shivratri bhajan dedicated to satguru.
-
जीवन में संत का आना ही बसंत है।
-
हम संसार में जीते हुए कहीं जीवन की सच्चाई से जान बूझकर अंजान हो अपनी बनाई ख्यालों की दुनिया में खोए रहते है और दुखी सुखी होते रहते हैं,केवल आध्यात्मिक गुरु ही हमें इस चक्रव्यूह से निकाल सकता है।
-
Welcoming of New Year is incomplete without learning from past year. This bhajan is a message from the passing year .
-
आज internet की बदौलत दुनिया हमारी मुट्ठी में आ गई है और हम सभी digital दुनिया की तरफ तेजी से बढ़ते जा रहे हैं जिसका लाभ भी हर किसी को मिल रहा है यहां तक कि एक अनपढ़ इंसान भी सब कुछ सीख सकता है परंतु जैसे हर संपदा अपने साथ आपदा भी लेकर आती है वैसे ही मौजूदा दौर में इंटरनेट के साथ cyber अपराधों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।इन्हीं खतरों से जागृत करने की एक कोशिश इस कविता के जरिए करने जा रहे हैं।
-
Only spiritual Guru can make us Complete.
गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।
गुरू और गोबिंद (भगवान) एक साथ खड़े हों तो किसे प्रणाम करना चाहिए – गुरू को अथवा गोबिन्द को? ऐसी स्थिति में गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। -
Every person is struggling with his emotions. This poem is depicting our internal fight with our feelings and our habits.
-
हम में से हर कोई किसी ना किसी रिश्ते में जुड़ा हुआ है पर क्या कभी हमने सोचा है कि आखिर इन रिश्तों की नींव , बहाव और मंज़िल क्या है? आइए विश्लेषण करते है कि आखिर क्या होता है #रिश्ता
-
A poem for uplifting our emotions and weakness.
- Show more