Episodes
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Missing episodes?
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Jab time ke saath aap apni khud ki soch par kaboo nahi kar paye…..to duniya se aap ummeed kaise laga sakte hain ke voh na badle!!
Aapki maturity……Aapki samajh……Aapke pasand-na pasand se Aapka Aura time-to-time change hota raha aur har kisi doosre insaan se aap sirf aapki soch ki vajah se alag hote gaye.
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क्या आपको सच में लगता है कि ज़िंदगी में आपको कुछ मिल नहीं पाया जिसके लिये आप पूरी तरह सक्षम और लायक थे? ज़िंदगी में REGRET जैसी कोई चीज़ ही नहीं होती। बस ऑंखें बंद कर के सुनिये और फ़र्क़ देखिये कि पूरी क़ायनात किस तरह से आपकी हर बात मानने पर मज़बूर होती है...!! तो फिर सुनिये SAAGOUR को और देखिये आपकी ज़िंदगी में सोच के साथ किस तरह से बदलाव होते हैं...तैयार रहिये नये बदलाव के लिये...!!
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क्या आपको सच में लगता है कि ज़िंदगी में आपको कुछ मिल नहीं पाया जिसके लिये आप पूरी तरह सक्षम और लायक थे? ज़िंदगी में REGRET जैसी कोई चीज़ ही नहीं होती। बस ऑंखें बंद कर के सुनिये और फ़र्क़ देखिये कि पूरी क़ायनात किस तरह से आपकी हर बात मानने पर मज़बूर होती है...!! तो फिर सुनिये SAAGOUR को और देखिये आपकी ज़िंदगी में सोच के साथ किस तरह से बदलाव होते हैं...तैयार रहिये नये बदलाव के लिये...!!
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क्या आपको सच में लगता है कि ज़िंदगी में आपको कुछ मिल नहीं पाया जिसके लिये आप पूरी तरह सक्षम और लायक थे? ज़िंदगी में REGRET जैसी कोई चीज़ ही नहीं होती। बस ऑंखें बंद कर के सुनिये और फ़र्क़ देखिये कि पूरी क़ायनात किस तरह से आपकी हर बात मानने पर मज़बूर होती है...!! तो फिर सुनिये SAAGOUR को और देखिये आपकी ज़िंदगी में सोच के साथ किस तरह से बदलाव होते हैं...तैयार रहिये नये बदलाव के लिये...!!